दुकान के एक कमरे में बंद थे बाप-बेटी, परिवार ने तोड़ा दरवाजा तो उड़ गए सभी के होश
दुकान के एक कमरे में बंद थे बाप-बेटी, परिवार ने तोड़ा दरवाजा तो उड़ गए सभी के होश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (हरियाणा)
Updated Tue, 31 Jul 2018 09:34 AM IST
सांकेतिक तस्वीर
नाभा में एक दुकानदार ने अपनी बेटी के साथ दुकान की ऊपरी मंजिल में फंदा
लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक परिवार वालों ने बयान दिया है कि
दुकानदार पिछले कुछ समय से मानसिक तौर पर परेशान रहता था। पुलिस ने शवों को
कब्जे में लेकर मामले में जांच शुरू कर दी थी। खबर लिखे जाने तक मामले में
धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई थी।
करीब पौने आठ बजे जगतार सिंह अपनी बेटी को रोजाना की तरह स्कूल छोडने जाते समय दुकान की चाबी भी यह कहकर ले गया कि वह स्कूल से सीधे दुकान चला जाएगा। कहा कि दुकान पर कोई ग्राहक खड़ा है। जब काफी देर तक जगतार सिंह घर वापस न आया, तो 10 साल के बेटे कर्णवीर सिंह ने पिता के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन उसने उठाया नहीं।
जब परिवार वाले दुकान पर पहुंचे, तो देखा कि दुकान का शटर आधा खुला था और अंदर से शीशे का दरवाजा बंद था। आसपास के लोगों की मदद से इस दरवाजे को काट कर जब वह लोग दुकान की पहली मंजिल पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देकर सभी के होश उड़ गए। वहां जगतार सिंह व उसकी बेटी सिमरनजीत कौर पंखे से लटक रहे थें।
पुलिस के मुताबिक पहले बेटी ने फंदा लगाया और फिर दूसरे पंखे के साथ जगतार सिंह ने खुद फंदा लगाया। क्योंकि दुकान की पहली मंजिल पर एक ही मेज था, जिसे आत्महत्या में इस्तेमाल किया गया था। जो जगतार सिंह की लाश के नीचे पड़ा था। पुलिस के मुताबिक परिवार वालों का कहना है कि जगतार सिंह पिछले कुछ समय से मानसिक परेशान था। परेशानी के कारणों का परिवार वालों ने कोई खुलासा नहीं किया है और न ही किसी पर शक जताया। इसलिए पुलिस ने मामले में धारा 174 की कार्रवाई कर दी है।
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